20 बाते साबित करेंगी कि आप डिप्रेशन में हैं या नहीं? -Depression in Hindi

ज्यादातर लोगों का यही सवाल होता है डिप्रेशन क्या है(Depression in Hindi) और डिप्रेशन से कैसे बचे या हमें कैसे पता चले की हम डिप्रेशन में है। अगर आप भी जानना चाहते हो डिप्रेशन के बारे में तो आप इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़े आपके सरे सवालो का जवाब आपको इसी आर्टिकल में सायद मिल जाएंगे. सबसे पहले हम जानेंगे कि डिप्रेशन क्या है ?

What is Depression? Depression in Hindi (डिप्रेशन क्या है)

डिप्रेशन एक ऐसी मानसिक बीमारी है जिसमे व्यक्ति अक्सर अकेलापन महसूस करता है। यह मुख्य रूप से मूड डिसऑर्डर से जुड़ा है, जो व्यक्ति की सोच, व्यवहार आदि को प्रभावित करता है। Depression को हिंदी में अवसाद कहते है.

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मनोचिकित्सकों के अनुसार, अवांछित दबाव के कारण पुरुषों की तुलना में महिलाओं में डिप्रेशन की संभावना अधिक होती है. 10 व्यक्ति के तुलना में 8 महिलाए और 2 पुरुष डिप्रेशन से पीड़ित पाए गए है. दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर्स नाम के रसायन होते है जो दिमाग और शरीर के अलग अलग हिस्सों में आदेश स्थापित करते है जिनकी कमी से शरीर की संचार व्यवस्था में भी कमी आ जाती है जिसके कारण व्यक्ति में अवसाद के लक्षण दिखाई देते हैं.

डिप्रेशन कैसे होता है?

मनोविश्लेषकों मुताबिक डिप्रेशन होने के कारण तो बहोत है मगर इसमें से निचे दिए गए कारण सबसे ज्यादा होते है.

  • बायोकेमिस्ट्री (BioChemistry) : दिमाग(मस्तिष्क) में कुछ रसायनों में असंतुलन होना। जैसे Munnabhai MBBS-2 में संजू बाबा को बापू का दिखाई देना (केमिकल लोचा) याद आया कुछ. इसमें अक्सर इन्शान अपने आपको चोट या खुदखुशी (आत्महत्या) कर सकता है। इसलिए ऐसे व्यक्ति को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. परिवार के लोगों को ऐसे व्यक्ति के साथ हमेशा रहना चाहिए, उनसे ज़्यादा से ज़्यादा बात करे, साथ में ही उनको हँसाने की कोशिश करे और किसी मनोचिकत्सक को दिखाए।
    परिवार में आपको लगता है कोई एक व्यक्ति ज़्यादा समय अकेला रहता है या निराशाजनक बात करता है तो तुरंत उससे बात करके उसके अकेले रहने की वज़ह या निराशाजनक बात करने का मकशद का पता करे यदि संभव हो तो मनोचिकित्सक को दिखाएं।
  • आनुवंशिक (Genetics) : अगर आपके परिवार में कोई डिप्रेशन का शिकार हुआ है तो रिसर्च के मुताबिक 76% दूरसे लोग भी डिप्रेशन का शिकार हो सकते है.
  • व्यक्तित्व (Personality) : जिन लोगों का आत्म-सम्मान या आत्म विश्वाश कम होता है या जो लोग अक्सर निराश होते हैं वे अक्सर डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं.
  • पर्यावरण की स्थिति (environmental conditions): हिंसा, उपेक्षा, दुर्व्यवहार या गरीबी के लगातार संपर्क से कुछ लोग डिप्रेशन की चपेट में आ सकते हैं।

डिप्रेशन के क्या लक्षण है? (Symptoms of Depression in Hindi)

डिप्रेशन के कारण व्यक्ति का चिड़चिड़ापन करना , सामान्य मनोरंजन की चीजों में अरुचि दिखाना, निर्णय लेने में अड़चन या निर्णय लेने में असमर्थ रहना, बात बात में गुस्से हो जाना, आत्मविश्वाश की कमी, खुद को और परिवार के लोगो को भीड़भाड़ वाली जगह पे जाने से रोकना ये सब डिप्रेशन के लक्षण है

डिप्रेशन से कैसे बचे या डिप्रेशन से कैसे छुटकारा पाएँ?

डिप्रेशन से बचना कोई बड़ी बात नहीं है, डिप्रेशन एक बुरी व्यशन की तरह ही है जैसे किसीभी व्यशन को छोड़ ने के लिए पहले आपको मक्कम होना पड़ता है वैसे ही डिप्रेशन से छुटकारा पाने की लिए पहले अपने आपको मक्कम करन होगा इसके लिए आपको हमारे कुछ स्टेप फॉलो करने होंगे

  1. सकारात्मक सोचें, आपको नकारात्मक नहीं सोचना और ना हीं असफलता के डर की चिंता करनी। इसके बजाय, हमेशा सकारात्मक सोच रखना चाहिए जो होंगे वह अच्छा ही होंगा।सकारात्मक सोच से आत्मविश्वाश भी बढ़ता है।
  2. परिवार, हाँ सबसे पहले आप अपने परिवार के साथ समय बिताओ, उनसे हर बात शेर करो ख़ास करके आपके प्रॉब्लम। प्रॉब्लम को शेर करने से उसका समाधान निंश्चित है। अगर आप परिवार से शेर नहीं कर सकते तो आपके दोस्तों के साथ शेर करो।
  3. रात को जल्दी से सोये और सुभह जल्दी उठे। अगर नींद पूरी होंगी तो दिमाग़ तरोताजा होगा और दिमाग़ तरोताजा होगा तो आपको नकारात्मकता से छुटकारा मिलेंगा और जल्दी उठने से सूर्य नमस्कार भी हो जाएंगा।
  4. परिवार के साथ खाना खाये। अगर मुमकिन होतो आप परिवार या दोस्तो के साथ खाना खाये और हाँ, याद रहे आपको चुपचाप से नहीं खाना, बाते करते जाना है और खाते रहना है।
  5. सप्ताह में एक दिन अपनों के साथ घूमने जाये, पसंदीदा होटल में खाना खाये, दोस्तों के साथ मौज मस्ती करे और ज़िन्दगी को खुल के एन्जॉय करे। हो सके तो दिन के समय में से कुछ समय कसरत के लिए ज़रूर निकले।

डिप्रेशन का इलाज क्या है?

डिप्रेशन का इलाज़ बहोत तरीके से किया जाता है जैसे कि सबसे पहले दवाइया, मैडिटेशन (मन को शांत करके), TMS थेरेपी (transcranial magnetic stimulation) और भी अन्य उपचार है जैसे के एक्यूपंक्चर और विश्राम तकनीक।

  • दवाइया-सबसे पहले अब हम बात करेंगे दवाइ के बारे में, जैसा की हमने पहले भी बताया है ान्तिदेप्रेशन की कुछ दवाईया तो है मगर उनके साथ आपको दवाई के साइड इफ़ेक्ट के बारे में भी ध्यान रखना होंगे और हाँ दवाई डिप्रेशन को हमेशा के लिए ख़त्म तो नहीं कर सकती मगर कुछ समय के लिए दिमाग़ में केमिकल असंतुलन को ठीक ज़रूर कर सकती है।
  • मेडिटेशन (मन को शांत करके) -मेडिटेशन यानी आसान शब्दों में कहे तो ख़ुद को अपने शरीर को शांत रखना, जो की डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को सबसे ख़ास ज़रूरत है, मेडिटेशन से आप शांति, ख़ुशी और परमांनद व्यक्त कर सकेते है और आज की इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में मेडिटेशन शरीर को बहुत लाभ पहोचा सकता है।
  • TMS थेरेपी (transcranial magnetic stimulation) -TMS therapy यानी “ट्रांसक्रेनियल चुंबकीय उत्तेजना” ये सबसे महंगी थेरेपी है। इसका 20 दिन का ख़र्च 1.5 लाख या उससे ज़्यादा है जो हॉस्प्टिटल पर निर्धारित है। ट्रान्स्क्रनिअल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन थेरपी (TMS Therapy) अक्सर उस केस में उपयोग में ली जाती है जहा मरीज को डिप्रेशन की कोई दवाई या अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता.
    इस थेरेपी में दिमाग़ के उन हिस्सों जहाँ केमिकल असंतुलन हो उन्हें चुंबकीय ऊर्जा से नियंत्रित करके दिमाग़ की कोशिकाओं को उत्तेजित किया जा सकता है, जिससे दिमाग़ में केमिकल असंतुलन को सुधारा जा सकता है। इस थेरपी में व्यक्ति को दर्द नहीं होता और डिप्रेशन के लक्षणों को कम कर सकते हैं। । यह थेरपी से डिप्रेशन से कुछ समय के लिए आपको ज़रूर छुटकारा मिलेंगा मगर आपको इस थेरेपी के बाद अपनी नार्मल लाइफ फिरसे स्टार्ट करनी होंगी जो पहले हमने आपको बताई है।

क्या उदासी या शोक ही डिप्रेशन है?

उदासी या शोक अक्सर सभी के जीवन में होती है इसका मतलब ये नहीं है कि वह इन्शान डिप्रेशन में है। जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु या किसी रिश्ते का अंत, नौकरी का छूटना या व्यापर में नुकशान, परीक्षा में फ़ैल हो जाना या प्यार में धोका खाना, ये सब किसी व्यक्ति के लिए सहना मुश्किल अनुभव है। ऐसी स्थितियों में व्यक्ति का उदास होना या शोक में होना एक सामान्य बात है। मगर समय के चलते इन सब बातो को भूलकर व्यक्ति एक सामान्य जीवन या पहले जैसा जीवन जीना फिर शुरू कर देना चाहिए. क्युकी अक्सर लम्बे समय तक उदासी या शोक डिप्रेशन का कारण बन सकती है

20 बाते साबित करेंगी कि आप डिप्रेशन में हैं या नहीं? –Depression in Hindi

हमने आपके लिए नीचे दिए गए प्रश्नों को तैयार किया है, यह सिर्फ़ एक प्रश्न है, आपको इसे स्वयं उत्तर देना होगा, यदि आपको लगता है कि आपके उत्तर डिप्रेशन की ओर इशारा कर रहे हैं, तो आप बिल्कुल भी गभराये नहीं। बल्कि, आपको इसका सामना करना होगा,

प्रश्नो का सही उत्तर देने के लिए आपको कम से कम पिछले दो सप्ताह को ध्यान में रखना होंगे। आपको अगर सही में जानना है कि आप डिप्रेशन में है या नहीं तो आपको बिलकुल सही से उत्तर देना होंगे. गभराये नहीं अगर आपको थायरॉयड की समस्याएं, एक मस्तिष्क ट्यूमर या विटामिन की कमी हो तो यह सवाल के उत्तर डिप्रेशन वाले मरीज से मिलते जुलते हो सकते है.

नीचे दिए गए प्रश्नों एक संकेत है जो डिप्रेशन (अवसाद) का कारण बन सकटे है।

क्या आपको दुःख, चिंता या अकेलापन महसूस हो रहा है?

क्या आप अपने नियमित काम से खुश हैं?

अक्सर वज़न बढ़ने पर भूख में बदलाव करना या आप बहुत कम खाते हैं ताकि आप वज़न न बढ़ जाये।

नींद की समस्याएँ–अनिद्रा, या हर समय सोने की इच्छा रखना।

आपके पास कोई ऊर्जा (शक्ति) नहीं है और अक्सर थके हुए होते हैं।

आप बेचैन और चिड़चिड़े रहते हैं या बात-बात में चीड़ जाते है।

किसी बात की गिल्टी (अपराध) महसूस करना, निराशा या अनुचित अपराध की भावना।

सोचने, निर्णय लेने या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।

मौत या आत्महत्या के विचार या आत्महत्या के प्रयास किया हो।

पुराने दर्द और ऐसा दर्द जिसका उपचार नहीं हो सकता उसके बारे में ज़्यादा सोचना या चिंतित रहना

ज्यादा रोना या बिना कारण रोना।

आप अपने जीवन के बारे में निराशावादी महसूस करते हैं।

आपके पास “क्या फ़र्क़ पड़ता है?” रवैया (आप सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते हैं)।

आप पुराने दोस्तों से मिलनेसे या बात करने से दूर हो रहे हो या बच रहे हो।

भीड़ भाड़ से परेशान है।

लोग आपका साथ नहीं देंगे ऐसा महसूस करना या सामाजिक समर्थन में कमी

आपके पास बुरी यादे है जिसके बारे में आपने लिखना शुरू कर दिया है।

आप लगभग उतना काम नहीं कर रहे हैं जितना आप काम या स्कूल में करते थे।

आपको अक्सर सिरदर्द, पीठ दर्द और पेट में दर्द होता है।

आपको लगता है आप अब मरने वाले हो और आपने वसीयत भी बना के रखी हैं।

Depression In Hindi

याद रखें कि जीवन की कुछ समस्याओं के लिए ऊपर दिए गए सवाल के उत्तर मिलते हो सकते हैं। जैसे परिवार में मृत्यु, तलाक और अन्य समस्याएं। जब आप जीवन की समस्या के कारण इन लक्षणों का अनुभव करते हैं तो आप अपने आप को अस्वस्थ या बीमार महसूस न करें। आपके पास के किसी अच्छे मनोचिकित्सक से जरूर मिल के उनसे बात करे.

एंटीडिप्रेसेंट ड्रग्स क्या है?

एंटीडिप्रेसेंट ड्रग्स जैसे प्रोज़ैक और पैक्सिल (Prozac and Paxil) स्नायु संचारी (न्यूरोट्रांसमीटर) फंक्शन में कमियों को कम करने का काम करते हैं। ये दवाएं प्रभावी तो है मगर इसके साइड इफ़ेक्ट भी होते है.
लेकिन अगर आप इस दवाई को लम्बे समय तक उपयोग करते है तो स्नायु संचारी (न्यूरोट्रांसमीटर) फंक्शन में कमियों को कम करने में मदद करती है यदि आप एंटीडिप्रेसेंट दवाएं ले रहे हैं, तो आपको अपने आप को अन्य दवाओं के साथ ये दवाई के साइड इफ़ेक्ट के बारे में आप डॉक्टर से बातचीत करके अपने आप को तैयार रखना होंगे .

यदि आपको लगता है कि आप डिप्रेशन का अनुभव कर रहे हैं तो आपको अपने चिकित्सक से इस बारे में निश्चित रूप से चर्चा करनी चाहिए। मधुमेह क्या है जानने के लिए क्लिक करे

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